कृषि विज्ञान केन्द्र

भाकृअनुप - केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान, जोधपुर (राजस्थान) - 342005
ISO 9001:2008 प्रमाणित संस्थान

*केवीके में "फसलों में पौध संरक्षण एवं अन्य कृषि तकनीक" पर 21-22 जुलाई, 2016 तक दो दिवसीय आत्मा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन   *केवीके में "डेयरी प्रबंधन तकनीकियाँ" पर 21-22 जुलाई, 2016 तक दो दिवसीय आत्मा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन   *केवीके में उद्यानिकी का "बागवानी फसलें व अन्य तकनीकियाँ" पर 19-20 जुलाई, 2016 तक दो दिवसीय आत्मा प्रायोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम   *परंपरागत वस्त्र निर्माण पर तीन (03) माह का गाँव-लूनावास खारा में व्यावसायिक प्रशिक्षण    *महिला सशक्तिकरण हेतु आय उपार्जन के साधन पर कौशल प्रशिक्षण   *कृषि विज्ञान केन्द्र, काजरी, जोधपुर द्वारा 13 अप्रैल, 2016 को अपनी 31वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति (SAC) की बैठक का आयोजन   *प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (पीएमएफबीवाय) पर जागरूकता कार्यक्रम का गाँव लूनावास खारा, प.स.-लूणी, जोधपुर में दिनांक 3 अप्रैल, 2016 को आयोजन

विशेष कार्य(मिशन):-विशिष्ट कृषि पारिस्थितिकी तंत्र के परिप्रेक्ष्य में उचित प्रौद्योगिकियों के आवेदन के माध्यम से कृषि एवं संबंधित क्षेत्रों में किसान केंद्रित विकास।

कृषि विज्ञान केंद्र एक अभिनव जिला स्तरीय विज्ञान आधारित संस्था है जो उत्पादन और उत्पादकता के बीच अंतर को पूरा करने के लिए कृषक समुदाय के लिए नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकियों के हस्तांतरण में संलग्न है। केवीके, जोधपुर की स्थापना केन्द्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (CAZRI), जोधपुर (राजस्थान) के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन 1983 में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR), नई दिल्ली के द्वारा की गई। स्थापना के बाद से ही केवीके, जोधपुर कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में वैज्ञानिक हस्तक्षेप के माध्यम से जिले के कृषक समुदाय की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति के उत्थान के लिए निरंतर प्रयासरत है।

कृषि विज्ञान केन्द्र, काजरी, जोधपुर द्वारा 13 अप्रैल, 2016 को अपनी 31वीं वैज्ञानिक सलाहकार समिति (SAC) की बैठक का आयोजन किया गया I समिति की बैठक डॉ. ओ.पी. यादव, निदेशक, काजरी, जोधपुर की अध्यक्षता में संपन्न हुई I बैठक में निदेशक, अटारी (जोन-छ:), विभिन्न विभागों के अधिकारियों जैसे कृषि, पशुपालन, बागवानी, आफरी, वन विभाग ,आरएसएससी, समाज कल्याण, अग्रसित (लीड) बैंक के साथ ही प्रगतिशील कृषक एवं कृषक महिलाओं को सम्मिलित करते हुए कुल 41 सदस्य उपस्थित थे। उद्घाटन में निदेशक, काजरी ने सभी सम्मानित सदस्यों का स्वागत किया और कृषि के विकास में केवीके, काजरी के साथ मिलकर विभिन्न विभागों, गैर सरकारी संगठनों, किसानों आदि के सामूहिककार्य की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कृषि के क्षेत्र में आपसी सहयोग मुख्य आवश्यकता है I डॉ. एस. के. शर्मा, अध्यक्ष, केवीके ने पिछले वर्ष की क्रियान्वयन प्रतिवेदन (एटीआर) प्रस्तुत की जिसकी सिफारिश पिछले वर्ष की समिति बैठक (30वीं सैक बैठक) द्वारा की गयी थी तथा साथ ही वर्ष 2015-16 की वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन एवं वर्ष 2016-17 की कार्य योजना का सारांश प्रस्तुत किया I

सैक(SAC) बैठक के दौरान, सभी सदस्यों ने एटीआर, वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन (2015-16) एवं कार्य योजना (2016-17) को कुछ सुधार करने के बाद मंजूरी दे दी। बैठक में डॉ. एस.के. सिंह, निदेशक, अटारी, क्षेत्र-छ: ने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्रों को अपने कौशल को प्रोत्साहित और उन्नयन करना होगा ताकि केवीके द्वारा आयोजित प्रशिक्षण, प्रक्षेत्र परीक्षण (ओएफटी) और प्रथम पंक्ति प्रदर्शन (एफएलडी) के सफलतापूर्ण क्रियान्वयन द्वारा किसानों के रवैये को बदला जा सके।उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि केवीके को सब्जी उत्पादन, मधुमक्खी पालन, मसालों के उत्पादन कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहिए और नियमित रूप से पिछले कार्यक्रमों की पालना की जाँच करनी चाहिए। इसके बाद केवीके के सभी विषय विशेषज्ञों (एसएमएस) ने विस्तार से अपनी सम्बन्धित वार्षिक प्रगति प्रतिवेदन और कार्य योजना प्रस्तुत की Iआगे और पढिये...